प्रयोग करे, जैसेही दुःख, मुसीबत, परेशानी आए सावधानी रखे की मन का इससे ज्यादा जुडाव न हो सके.
समाजके अंतिम व्यक्तितक न्याय निष्पक्ष व पूर्ण रूपसे पहुचना चाहिए, तभी दुधका दूध और पनिका पानी होता है.
किताबोमे इतना खजाना छुपा है , जितना कोई लुटेरा कभी लुट नहीं सकता.
माली की तरह करे बच्चोकी देखभाल.
अपने मनको दुःख और मुसिबतोसे काटकर रखे.
आयसे कम में निर्वाह करनेके कला जानते हो तब समझो पारस पत्थर तुम्हारे पास है.
जगत के कल्यानके लिए अपने मनसे मोह को त्याग दो तभी धर्म और सुयश की प्राप्ति होंगी.
क्रोध को जितने में मौन जितना सहायक होता है उतनी कोई भी वस्तु नहीं होती.
समाजके अंतिम व्यक्तितक न्याय निष्पक्ष व पूर्ण रूपसे पहुचना चाहिए, तभी दुधका दूध और पनिका पानी होता है.
किताबोमे इतना खजाना छुपा है , जितना कोई लुटेरा कभी लुट नहीं सकता.
माली की तरह करे बच्चोकी देखभाल.
अपने मनको दुःख और मुसिबतोसे काटकर रखे.
आयसे कम में निर्वाह करनेके कला जानते हो तब समझो पारस पत्थर तुम्हारे पास है.
जगत के कल्यानके लिए अपने मनसे मोह को त्याग दो तभी धर्म और सुयश की प्राप्ति होंगी.
क्रोध को जितने में मौन जितना सहायक होता है उतनी कोई भी वस्तु नहीं होती.
अक्सर कहा जाता है की दिमाग सही फैसले लेता है दिल नहीं. लेकिन मेरा मानना है की दिल चाहे सही फैसले न ले, अच्छे फैसले जरुर लेता है.
दुसरोको उपदेश देने से पहले स्वयं उसी आचरण को अपनाकर देखणा चाहिये.
हे मानव ! यदि तू अपने मानवीय जीवन को ऊँचा नहीं बनाएगा ,आत्मतत्व को नहीं जान सकेगा तो तेरा संसार मै क्या बनेगा ? क्युकी जो भी मानव जैसा कर्म करता है वैसा ही उसके समीप आता रहता है ! वायु -मण्डल मै मानव के विचारों का शोधन होता है ! क्यों की विचारों से ही प्रकुतिवाद बना करता है ! जिस प्रकार एक घर मै यदि याग ( यज्ञ )होता है तो पत्नी-पति एक दुसरे से संतुष्ट होते है , प्रसन्न रहते है पिता और माता ,माता और पुत्र उनकी प्रसन्नता रहती है ! जिस घर मै कलह रहता है , माता पिता मै विरोध है पुत्र और माता मै विरोध है वह जो विरोध वाला घर है , वह नारकीय बन जाता है और जिसमै घर मै प्रसन्नता रहती है बेटा !वह स्वर्ग बन जाता है ! इसलिए "मानव जब प्रसन्न रहता है तो उसका मानव का शारीर ही स्वर्ग मै विचरण करता है" !
Guru Brahma Gurur Vishnu
Guru Devo Maheshwaraha
Guru Saakshat Para Brahma
Tasmai Sree Gurave Namaha ,
Guru Brahma Gurur Vishnu
Guru Devo Maheshwaraha
Guru Saakshat Para Brahma
Tasmai Sree Gurave Namaha
Dhyan mulam guru'r waqyam
Moksh mulam guru'r kirpa......
गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु ,
गुरुर देवो महेश्वर ।
गुरुर क्षात क्षात परम ब्रह्मा,
तस्मै श्री गुरुवै नमः ॥
कबीरा ते नर अँध है, गुरु को कहते और ।
हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठे नहीं ठौर ॥
जाति न पूछौ साधु की, जो पूछौ तो ज्ञान।
मोल करो तलवार का, परा रहन दो म्यान।।
मूरख को समुझावते, ज्ञान गाँठ का जाई।
कोयला होई न ऊजरो, नव मन साबुन लाई।।
गुरु गोविंद दोनों खड़े, काके लागूं पाँय ।
बलिहारी गुरु आपनो, गोविंद दियो मिलाय ॥
रोज सुबह मिलते है इनसे , क्या हमको करना है ,
ये बतलाते है ।
ले के तस्वीरें इन्सानों की ,सही गलत का भेद हमें ,
ये बतलाते है ।
कभी ड़ांट तो कभी प्यार से , कितना कुछ हमको ,
ये समझाते है ।
है भविष्य देश का जिन में , उनका सबका भविष्य ,
ये बनाते है ।
है रगं कई इस जीवन में ,रगों की दुनिया से पहचान ,
ये करवाते है ।
खो ना जाये भीड़ में कहीं हम , हम को हम से ही ,
ये मिलवाते है ।
हार हार के फिर लड़ना ही जीत है सच्ची , ऐसा एहसास ,
ये करवाते है ।
कोशिश करते रहना हर पल , जीवन का अर्थ हमें ,
ये बतलाते है ।
देते है नेक मज़िल भी हमें , राह भी बेहत्तर हमे ,
ये दिखलाते है ।
देते है ज्ञान जीवन का , काम यही सब है इनका ,
ये शिक्षक कहलाते है ।
.jis ghar me prem hai wo ghar is dharti ka swarg hai........
Guru is Aspiration Guru is inspiration
You are not called to be a canary in a cage. You are called to be an eagle and to fly sun to sun, over continents. ~ Henry Ward Beecher
Compromising does not mean that you are wrong & someone is right....it only means that U value Ur relationship much more than Ur EGO......
एक बार आन्तरिक दुबकी लगाने की कला -विपश्यना आ जाये तो जिन्दगी सही मायने मै अपने आप में एक कमल पुष्प बन जाती है !
वह कोई मानव नहीं होता जो दूसरों के श्रंगार को नष्ट या (हनन) करता हो ! वह मानव नहीं होता जिसका के अन्दर चरित्र की प्रतिभा नहीं हो, क्योकि चरित्र ही तो मानव का जीवन होता है , चरित्र ही तो मानव को राष्ट्रिय बनता है , चरित्र के लिए ही तो राष्ट्र का निर्माण होता है ! चरित्र को नष्ट करने के लिए राष्ट्र का निर्माण कदापि नहीं होता , चरित्र को लेन के लिए राष्ट्र का निर्माण हुआ करता है , "धर्म की रक्षा करने के लिए राष्ट्र का निर्माण होता है , धर्म-निर्पेक्षता के लिए रास्ट्र निर्माण कदापि नहीं हुआ करता है" मेरे शब्द वास्तव मै कटु प्रतीत होते है ! मेरे पूज्यपाद गुरुदेव ने भी मुझे कहा है, परन्तु जो कटुता है ,वास्तव मै कटुता नहीं है, क्योकि मै जब अपने वाक्यों को यथार्थ से प्रकट करता हूँ, तो वह कटुता मै प्रतीत होते है !
चरित्र मानव की श्रेष्ठ संपत्ति है, दुनिया की समस्त संपदाओं में महान संपदा है। पंचभूतों से निर्मित मानव-शरीर की मृत्यु के बाद, पंचमहाभूतों में विलीन होने के बाद भी जिसका अस्तित्व बना रहता है, वह है उसका चरित्र।
चरित्र एक शक्तिशाली उपकरण है जो शांति, धैर्य, स्नेह, प्रेम, सरलता, नम्रता आदि दैवी गुणों को निखारता है। यह उस पुष्प की भाँति है जो अपना सौरभ सुदूर देशों तक फैलाता है। महान विचार तथा उज्जवल चरित्र वाले व्यक्ति का ओज चुंबक की भाँति प्रभावशाली होता है।
Jo jaisa sochata hai vaisahi ban jata hai.
apka samay bitaneka dhanghi aapka charitra banata hai.
Be honest in your life and have a peaceful sleep
A Boy and a Girl were Playing Together,
The Boy had a Collection of Marbles..
and The Girl had some Sweets with Her..!
The Boy told the Girl that;
"he will give Ger all His Marbles
In Exchange for Her Sweets.."
The Girl Agreed;
The Boy kept the biggest
and the most Beautiful Marble Aside;
and gave the Rest to the Girl..!
But The Girl gave Him all Her Sweets
as She had Promised..=)
That Night, the Girl Slept Peacefully,
But the Boy couldn't Sleep as He kept Wondering
If the Girl had Hidden some Sweets from Him
the Way He had Hidden His best Marble..=(
>Moral of the Story:
If you don't give your 100% in a Relationship,
you'll always keep Doubting;
If the Other Person has Given His/Her 100% !!
This is Applicable for any Relationship;
Give Ur 100% to Everything U do & Sleep Peacefully..! =)
यदि बुरे विचारों और बुरी भावनाओं का स्थान अच्छे विचारों और आदर्शों को दिया जाए तो मनुष्य सदगुणों के मार्ग में प्रगति कर सकता है।
स्वयं का आचरण आदर्श रूप बना लेनेके बादही दुसरोको सिखानेकी पात्रता व अधिकार प्राप्त होता है.
अपने भीतर मुडनेको मनुष्य या तो समयकी बरबादी मानता है या मूर्खता.
यदि समझदारी आजाये तो भितरकी यात्राभी सार्थक है और बाहर कि दौड भी व्यर्थ नाही है.
जीवनमे कुछ ऐसा अज्ञात भी होता है जो नहीं बदल पाता इसेही भाग्य कहा गया है.
कल रोनेसे अच्छा है आज पानी बचाले बच्चा.
पानी बचेगा जीवन बचेगा.
जल है तो कल है.
हे मानव ! यदि तू अपने मानवीय जीवन को ऊँचा नहीं बनाएगा ,आत्मतत्व को नहीं जान सकेगा तो तेरा संसार मै क्या बनेगा ? क्युकी जो भी मानव जैसा कर्म करता है वैसा ही उसके समीप आता रहता है ! वायु -मण्डल मै मानव के विचारों का शोधन होता है ! क्यों की विचारों से ही प्रकुतिवाद बना करता है ! जिस प्रकार एक घर मै यदि याग ( यज्ञ )होता है तो पत्नी-पति एक दुसरे से संतुष्ट होते है , प्रसन्न रहते है पिता और माता ,माता और पुत्र उनकी प्रसन्नता रहती है ! जिस घर मै कलह रहता है , माता पिता मै विरोध है पुत्र और माता मै विरोध है वह जो विरोध वाला घर है , वह नारकीय बन जाता है और जिसमै घर मै प्रसन्नता रहती है बेटा !वह स्वर्ग बन जाता है ! इसलिए "मानव जब प्रसन्न रहता है तो उसका मानव का शारीर ही स्वर्ग मै विचरण करता है" !
Guru Brahma Gurur Vishnu
Guru Devo Maheshwaraha
Guru Saakshat Para Brahma
Tasmai Sree Gurave Namaha ,
Guru Brahma Gurur Vishnu
Guru Devo Maheshwaraha
Guru Saakshat Para Brahma
Tasmai Sree Gurave Namaha
Dhyan mulam guru'r waqyam
Moksh mulam guru'r kirpa......
गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु ,
गुरुर देवो महेश्वर ।
गुरुर क्षात क्षात परम ब्रह्मा,
तस्मै श्री गुरुवै नमः ॥
कबीरा ते नर अँध है, गुरु को कहते और ।
हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठे नहीं ठौर ॥
जाति न पूछौ साधु की, जो पूछौ तो ज्ञान।
मोल करो तलवार का, परा रहन दो म्यान।।
मूरख को समुझावते, ज्ञान गाँठ का जाई।
कोयला होई न ऊजरो, नव मन साबुन लाई।।
गुरु गोविंद दोनों खड़े, काके लागूं पाँय ।
बलिहारी गुरु आपनो, गोविंद दियो मिलाय ॥
रोज सुबह मिलते है इनसे , क्या हमको करना है ,
ये बतलाते है ।
ले के तस्वीरें इन्सानों की ,सही गलत का भेद हमें ,
ये बतलाते है ।
कभी ड़ांट तो कभी प्यार से , कितना कुछ हमको ,
ये समझाते है ।
है भविष्य देश का जिन में , उनका सबका भविष्य ,
ये बनाते है ।
है रगं कई इस जीवन में ,रगों की दुनिया से पहचान ,
ये करवाते है ।
खो ना जाये भीड़ में कहीं हम , हम को हम से ही ,
ये मिलवाते है ।
हार हार के फिर लड़ना ही जीत है सच्ची , ऐसा एहसास ,
ये करवाते है ।
कोशिश करते रहना हर पल , जीवन का अर्थ हमें ,
ये बतलाते है ।
देते है नेक मज़िल भी हमें , राह भी बेहत्तर हमे ,
ये दिखलाते है ।
देते है ज्ञान जीवन का , काम यही सब है इनका ,
ये शिक्षक कहलाते है ।
.jis ghar me prem hai wo ghar is dharti ka swarg hai........
Guru is Aspiration Guru is inspiration
You are not called to be a canary in a cage. You are called to be an eagle and to fly sun to sun, over continents. ~ Henry Ward Beecher
Compromising does not mean that you are wrong & someone is right....it only means that U value Ur relationship much more than Ur EGO......
एक बार आन्तरिक दुबकी लगाने की कला -विपश्यना आ जाये तो जिन्दगी सही मायने मै अपने आप में एक कमल पुष्प बन जाती है !
वह कोई मानव नहीं होता जो दूसरों के श्रंगार को नष्ट या (हनन) करता हो ! वह मानव नहीं होता जिसका के अन्दर चरित्र की प्रतिभा नहीं हो, क्योकि चरित्र ही तो मानव का जीवन होता है , चरित्र ही तो मानव को राष्ट्रिय बनता है , चरित्र के लिए ही तो राष्ट्र का निर्माण होता है ! चरित्र को नष्ट करने के लिए राष्ट्र का निर्माण कदापि नहीं होता , चरित्र को लेन के लिए राष्ट्र का निर्माण हुआ करता है , "धर्म की रक्षा करने के लिए राष्ट्र का निर्माण होता है , धर्म-निर्पेक्षता के लिए रास्ट्र निर्माण कदापि नहीं हुआ करता है" मेरे शब्द वास्तव मै कटु प्रतीत होते है ! मेरे पूज्यपाद गुरुदेव ने भी मुझे कहा है, परन्तु जो कटुता है ,वास्तव मै कटुता नहीं है, क्योकि मै जब अपने वाक्यों को यथार्थ से प्रकट करता हूँ, तो वह कटुता मै प्रतीत होते है !
चरित्र मानव की श्रेष्ठ संपत्ति है, दुनिया की समस्त संपदाओं में महान संपदा है। पंचभूतों से निर्मित मानव-शरीर की मृत्यु के बाद, पंचमहाभूतों में विलीन होने के बाद भी जिसका अस्तित्व बना रहता है, वह है उसका चरित्र।
चरित्र एक शक्तिशाली उपकरण है जो शांति, धैर्य, स्नेह, प्रेम, सरलता, नम्रता आदि दैवी गुणों को निखारता है। यह उस पुष्प की भाँति है जो अपना सौरभ सुदूर देशों तक फैलाता है। महान विचार तथा उज्जवल चरित्र वाले व्यक्ति का ओज चुंबक की भाँति प्रभावशाली होता है।
Jo jaisa sochata hai vaisahi ban jata hai.
apka samay bitaneka dhanghi aapka charitra banata hai.
Be honest in your life and have a peaceful sleep
A Boy and a Girl were Playing Together,
The Boy had a Collection of Marbles..
and The Girl had some Sweets with Her..!
The Boy told the Girl that;
"he will give Ger all His Marbles
In Exchange for Her Sweets.."
The Girl Agreed;
The Boy kept the biggest
and the most Beautiful Marble Aside;
and gave the Rest to the Girl..!
But The Girl gave Him all Her Sweets
as She had Promised..=)
That Night, the Girl Slept Peacefully,
But the Boy couldn't Sleep as He kept Wondering
If the Girl had Hidden some Sweets from Him
the Way He had Hidden His best Marble..=(
>Moral of the Story:
If you don't give your 100% in a Relationship,
you'll always keep Doubting;
If the Other Person has Given His/Her 100% !!
This is Applicable for any Relationship;
Give Ur 100% to Everything U do & Sleep Peacefully..! =)
यदि बुरे विचारों और बुरी भावनाओं का स्थान अच्छे विचारों और आदर्शों को दिया जाए तो मनुष्य सदगुणों के मार्ग में प्रगति कर सकता है।
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